[55+] साध्वी ऋतंभरा सर्वश्रेष्ठ सुविचार और अनमोल विचार Sadhvi Rithambara Quotes in Hindi

[55+] साध्वी ऋतंभरा सर्वश्रेष्ठ सुविचार और अनमोल विचार Sadhvi Rithambara Quotes in Hindi

साध्वी ऋतंभरा सर्वश्रेष्ठ सुविचार अनमोल विचार प्रेरक कथन शायरी कविता और अनमोल ज्ञान  Sadhvi Rithambara Quotes Thoughts Anmol Vichar in Hindi


साध्वी निशा ऋतंभरा एक हिंदू राष्ट्रवादी विचारक और दुर्गा वाहिनी की संस्थापक-अध्यक्ष हैं। 

जन्म: 2 जनवरी 1964 (उम्र 57 वर्ष), दोराहा
माता-पिता: प्यारेलाल, कलावती

Malayalamstatusvideo.in साध्वी ऋतंभरा के अनमोल विचार और सुविचार हिंदी में लेकर आये हैं। आपको हमारी पोस्ट के अंदर साध्वी ऋतंभरा के कोट्स इन हिंदी देखने को मिलेंगे। 


साध्वी ऋतंभरा सुविचार अनमोल विचार साध्वी ऋतंभरा कोट्स इन हिंदी Sadhvi Rithambara Quotes Suvichar Anmol Vachan & Thoughts in Hindi



▶जिंदगी में औरो के जोर पर अगर,
उड़कर दिखाओगे तोह,
अपने पंखो से उड़ने का हुनर
भूल जाओगे। -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ता की आप किन हालातों में जी रहे हो,
आपको खुद ही अपने हालात बदलने होंगे।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में ऊपर वाला
सच्चे कर्म और सच्ची म्हणत देख कर रिजल्ट देता है
पैसे देख कर नहीं  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में जो आपकी हर बात का यकीन करता है उनसे कभी झूठ मत बोलना।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶कुछ मत छोडो बस बुरा बर्ताव और क्रोध करना छोड़ दो,
क्युकी आपका स्वाभाव हि आपकी असली जमा पूँजी हैं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶आप जीवन में कितने भी ऊँचे उठ जाएँ पर,
अपनी गरीबी और कठिनाई के दिन कभी मत भूलिए।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶मिटटी की दिवार ही मजबूत हुआ करती थी साहब,
जबसे सीमेंट के गहरा बनने लगें हैं घर टूटने लगें हैं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶अगर आप किसी बुरे वक़्त से गुजर रहे हैं तोह,
चलते रहिये रुकिए मत 
बुरा वक़्त चला जाएगा।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶हमेशा इस बात पर ध्यान रखिये की जो आने वाला कल है वह बीते हुए कल से बेहतरीन होगा।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶कुशल व्यव्हार आपके जीवन का आईना है,
इसका आप जितना अधिक इस्तेमाल करेंगे,
आपकी चमक उतनी ही ज्यादा बढ़ने लगेगी।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिस दिन लोगो को यह पता चल जाएगा की आपकी जेब में पैसा नहीं है,
उस दिन आपको पअत चलेगा कोण लोग आपसे कितना लगाओ रखते हैं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जो हमारी कमियां बताता हैं तोह समझलो,
उसकी कोशिश हमें काबिल बनाने की हैं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में एक बड़ा इंसान बनने से पहले,
एक बेहतर इंसान जरूर बनना।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶अच्छा और बुरा समय सबका आता है
अच्छा समय में किसी की मदद और बुरे समय में किसी का सहारा मिले तो वह इंसान जिंदगी भर याद रहता है।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में अगर समय और पैसा इन दोनों में एक को चुनना हो तोह,
हमेशा समय ही चुनिए क्युकी समय से अधिक मूल्यवान कुछ भी नहीं हैं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में एक बात याद रखियेगा की 
रूठी हुई ख़ामोशी से बोलती हुई शिकायतें ज्यादा अच्छी होती हैं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जिंदगी में नजदीक सिर्फ उनके रहो जो बुरा वक़्त में आपका आठ दें 
लेकिन जिन्होंने आपके बुरे वक़्त में मदद नहीं की, 
और उनका बुरा वक़्त चल रहा हो तोह, उनकी मदद करने से पीछे मत हटना।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तोह,
इस जीवन में आप कुछ भी नहीं सीख पाएंगे।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶आप उस शुन्य की तरह बनो,
जो खुद तो कोई कीमत नहीं रखता 
मगर जिसके साथ भी जुड़ता है उसकी कीमत बढ़ा देता है।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶परिष्तीतिओ के अनुसार सब चीज़ सुन्दर है
जो स्कूल की घंटी सुबह के समय बेकार लगती है
वही घंटी स्कूल की छुट्टी के समय बड़ी अच्छी लगती है  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara



▶माफ करना और शांत रहना सीखिआए साहब
ऐसे ताकत बन जाओगे की पहाड़ भी रास्ता देंगे।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶साड़ी उम्र बस एक ही सबक याद रखियेगा। 
सम्बन्ध, रिश्ते और दोस्ती में नियत साफ़ रखियेगा।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶समस्यायें हमारे जीवन में युहीं नहीं आती 
उनका आना एक इशारा होता है की हमे अपनरे जीवन में कुछ बदलना है  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶क्रोध से शुरू होने वाली हर बात लज़्ज़ा पर समाप्त होती है  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जब दिल में बेहेम दिमाग में जिद और बातों में मुक़ाबला आ जाए तोह समझ लीजिये की रिश्तो की हार निश्चित है।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जो हम दुसरो को देंगे वही लौटकर हमारे पास आएगा 
चाहे वह इज़्ज़त हो, सम्मान हो या धोखा।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶अगर आप दुनिया से अपने लिए सर्वश्रेष्ठ पाना चाहते हैं,
तोह आपको दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ देना भी होगा।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶माता पिता भले ही अनपढ़ क्यों न हों
लेकिन शिक्षा और संस्कार देने की जो छमता उनमें है वो दुनिया के किसी स्कूल में नहीं।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶माँ बाप ऐसे होते हैं की जिनके होने का एहसास भले ही बच्चो का न हो,
लेकिन न होने का एहसास बहुत होता है।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶ज़िन्दगी में कभी किसी के जीते जी कन्धा दे दीजिये,
जरूरी नहीं हर रश्म मौत के बाद ही निभाई जाए।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶अकड़ और मगरूरी किसी बात की न रखिये। 
मरने के बाद हमारे अपने ही हमें छोकर हाथ धोयेंगे।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶इंसान तब समझदार नहीं होता जब वह बड़ी बड़ी बातें करने लगे। 
बल्कि इंसान तब समझदार होता है जब वह छोटी छोटी बातें समझने लगे।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶ज़िन्दगी में कभी किसी को काम समझो पूरी दुनिया को डूबने की शक्ति रखने वाला समंदर 
तेल की एक बूँद को नहीं डूबा सकता।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶आँखों में पड़ा हुआ तिनका,
पेअर में चुभा हुआ काँटा 
और रुई में दबी हुई आग से भी ज्यादा भयानक है, ह्रदय में छुपा हुआ कपट  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶जरूरतों की मुताबिक जिंदगी जिओ
ख्वाइशों के मुताबिक नहीं 
क्युकी जरूरतें तो फकीरो की भीं पूरी हो जाती हैं। लेकिन ख्वैहें बादशाहो की भी पूरी नहीं हों पाती।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶अगर आप बहुत साड़ी मुशीबतों से गुजर रहे हों तोह बस एक बात याद रखना की सितारें कभी बिना अँधेरे के नहीं चमकते।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶इंसान को प्रेम बिन धैर्य और अपनों से ठोकर मिले बिना ज्ञान नहीं प्राप्त होता है
ठोकर से ही इंसान बेहोशी से जागता है
और होश में आता है  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶कभी किसी का अपमान मत करो 
आप शक्तिशाली हो अच्छी बात है
लेकिन समय आपसे भी अधिक शक्तिशाली है 
ये कभी मत भूलो।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara




▶मक्खन में गिरा हुआ थोड़ा सा नमक उसको नष्ट नहीं करता 
बल्कि उसको नष्ट होने से बचाता है उसी प्रकार एक सरल और सच्चे इन्सान को स्वाभाव में थोड़ी सी चतुराई और सावधानी रखना आवश्यक है।  -साध्वी ऋतंभरा, Sadhvi Rithambara
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